आदमपुर उपचुनाव और पंचायत चुनावों से पहले जेल से बाहर आए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम ने हरियाणा में सियासी हलचल मचा दी है
राम रहीम ने हरियाणा में मचाई सियासी हलचल: जेल
UP आश्रम पहुंच श्रद्धालुओं को 'चुनावी संदेश'; मनमर्जी न करें, जैसा जिम्मेदार बताएं, वैसा करना
राम रहीम का हरियाणा में चुनावी इशारा
आदमपुर उपचुनाव और पंचायत चुनावों से पहले जेल से बाहर आए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम ने हरियाणा में सियासी हलचल मचा दी है। राम रहीम शनिवार सुबह ही सुनारिया जेल से निकलकर उत्तर प्रदेश के बागपत आश्रम पहुंचा। वहीं से राम रहीम 2 मिनट 15 सेकेंड के लिए वीडियो संदेश जारी किया।
जिसमें राम रहीम ने इशारों में चुनावी संदेश दिया। राम रहीम ने कहा कि जैसा आपको बोला था, मानते रहना । जैसे भी आपको जिम्मेदार लोग बताएंगे, वैसा ही करना । मनमर्जी नहीं करनी है। इस बार राम रहीम जेल से बाहर रहकर पहली बार दीवाली मनाएगा।
उत्तर प्रदेश के बागपत आश्रम से श्रद्धालुओं को संबोधित करता बाबा राम रहीम
राम रहीम का श्रद्धालुओं को संदेश हम आश्रम में पहुंच चुके हैं। मालिक सबको खुशियां दें। पहले की तरह जैसे आपको बोला था, मानते रहना । मनमर्जियां नहीं करनी । जिम्मेदार लोगों की बात माननी है। हमें अपने बच्चों पर बहुत गर्व है। परम पिता परमात्मा आपको बहुत खुशियां दें। हमें पता है कि आपने हमारी बात माननी है। थोड़ी देर पहले ही पहुंचे हैं।
वो समुद्र आपको याद ही होंगे। समुद्र ज्यादा बढ़कर आए हैं। ये तेरावास यूपी का । इसे आप देख ही रहे हैं। पता आपको चल ही गया। आपसे बातें करते रहेंगे। थोड़े बच्चों, जवानों और बुजुर्गों को आशीर्वाद। एक बार बच्चे ने पूछ लिया कि गुरुजी मैं भी आपको पिता जी कहता हूं और मेरे पापा और दादा भी पिता जी कहते हैं। ये चक्कर क्या है। संत जो होते हैं, उनके लिए भगवान की औलाद उनकी औलाद होती है। मालिक सबको आशीर्वाद है।
दिवाली में सलाखों से आजाद राम रहीम
एक साल में तीसरी बार जेल से बाहर
हनीप्रीत के साथ 2 गाड़ियों में गए राम रहीम को कल 40 दिन की पैरोल मिली है। जिसके बाद आज सुबह वह हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। उसे लेने के लिए मुख्या शिष्या हनीप्रीत और डेरा प्रमुख का अंगरक्षक प्रीतम सिंह पहुंचे हुए थे। हनीप्रीत के साथ राम रहीम दो गाड़ियों में सवार होकर यूपी के बागपत पहुंचे। वह करीब नौ बजे आश्रम में पहुंचा। इससे पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वह राजस्थान में गुरुसर मोडिया में भी जा सकता है। राम रहीम सिरसा आना चाहता था लेकिन सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी।
आदमपुर उप चुनाव में बाहर आया राम रहीम राम रहीम को हरियाणा सरकार ने ठीक आदमपुर उप चुनाव और पंचायती चुनावों से पहले पेरोल दे दी। राम रहीम को एक साल में 90 दिन की छुट्टी मिल सकती है। अब तक वह 50 दिनों की पेरोल ले चुका है। अब केवल 40 दिन की पैरोल शेष थी, जो कि
अब उसकी पूरी हो जाएगी।
किस मामले में कितनी सजा
रणजीत मर्डर में
मिली है 20 साल
की उम्र कैद
रामचंद्र छत्रपति मर्डर में 20 साल की उम्र कैद
साध्वियों के यौन शोषण में 10-10 साल की कैद
पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले मिली थी पेरोल 2017 से साधवी यौन शोषण मामले में डेरा प्रमुख सजा काट रहा है। उसे पत्रकार छत्रपति और रणजीत हत्याकांड में भी उसे सजा हो चुकी है। राम रहीम को इसी साल पंजाब चुनाव से ठीक पहले 7 फरवरी को 21 दिन की फरलो मिली थी। इसके बाद 17 जून को राम रहीम 30 दिन की पेरोल मिली थी और वह यूपी के बागपत आश्रम में रूका था। तब उसने वहां पर सत्संग करने शुरू कर दिए थे। अपने प्रेमियों को राम रहीम सोशल मीडिया पर लाइव आकर उनके सवालों के जवाब देने लग गया था।
श्रद्धालुओं के साथ चुनाव रणनीति
आदमपुर में 3 नवंबर को वोटिंग होगी
■ सरपंच-पंचों के लिए वोटिंग 2 नवंबर को होगी
■ डेरे का पॉलिटिकल विंग लेगा फैसला
■ रणनीति फाइनल कर श्रद्धालुओं को सूचित करेंगे
आधार कार्ड में भी करवाया था बदलाव राम रहीम ने बागपत आश्रम में 30 दिनों की पेरोल के दौरान उसने अपना आधार कार्ड अपडेट किया। जिसमें कि राम रहीम ने अपने पिता के नाम के आगे शिष्य एवं गद्दीनशीन शाह सतनाम जी महाराज अंकित करवाया है। जबकि पहले राम रहीम के आधार कार्ड पर उनके पिता मग्गर सिंह का नाम अंकित था। पहले डेरा मुखी ने अपने आधार कार्ड में पता शाह सतनाम धाम अंकि करवाया था, जिसे अब बदल कर शाह मस्तान, शाह सतनाम धाम किया गया। आधार कार्ड में अपडेट 22 जून को बागपत आश्रम मे
डेरे की 'क्वीन'
परिवार से बढ़ी दूरियां, हनीप्रीत सबसे करीबी राम रहीम की अब अपने परिवार से दूरियां काफी बढ़ चुकी हैं। उसकी मुंह बोली बेटी हनीप्रीत धीरे-धीरे डेरे की सर्वेसर्वा बनती जा रही है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि राम रहीम ने अपनी फैमिली ID में हनीप्रीत का नाम दर्ज कराया है। पिछली बार UP के बागपत आश्रम में रहने के दौरान बनी ID में हनीप्रीत को राम रहीम की मुख्य शिष्या और धर्म की बेटी बताया गया है। इसमें राम रहीम ने अपनी पत्नी हरजीत कौर और मां नसीब कौर नाम दर्ज नहीं करवाया है।


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