पितृपक्ष में हिन्दू लोग अपने पितरों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं और उनके लिए पिण्डदान करते हैं. इसे ‘सोलह श्राद्ध’, ‘महालय पक्ष’, ‘अपर पक्ष’ आदि नामों से भी जाना जाता है. लेकिन क्या आपने सुना है कि कहीं किसी जिंदा इंसान का पिण्डदान कर दिया गया है. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है. कई पतियों ने अपनी जिंदा पत्नियों का पिंडदान किया है. ये सभी ऐसे पत्नी पीड़ित पति थे, जिनका या तो तलाक हो चुका है या फिर मामला कोर्ट में लंबित है. बता दें कि ये पूरा मामला मुंबई में बानगंगा टैंक के किनारे का है. यहां पितृपक्ष के मौके पर कई लोगों ने अपनी जिंदा पत्नियों का पिंडदान कर दिया है. इन दिनों पितृपक्ष और श्राद्ध का महीना चल रहा है, जहां लोग अपने मृत परिजनों का पिंडदान करते हैं. पितरों का पिंडदान इसलिए किया जाता है, ताकि उनकी पिंड की मोह माया छूटे और वो आगे की यात्रा प्रारंभ कर सके. इसी मौके पर मुंबई में एक अनोखा नजारा देखने मिला, जहां करीब 50 पत्नी पीड़ित पतियों ने अपनी जिंदा पत्नियों का पिंडदान किया. इन सभी लोगों ने शादी की बुरी यादों से छुटकारा पाने के लिए पूरे विधि विधान के साथ अपनी जिंदा प...
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