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Health: डेंगू (Dengue) के प्रकोप से बढी चिंता, इन उपायों को अपनाकर डेंगू से रहिए मुक्त। जानिए डेंगू बुखार के लक्षण व उपचार

 डेंगू (Dengue) के कहर को रोकने के लिए एम्स ऋषिकेश एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 7 प्लस वन अभियान के तहत विभिन्न इलाकों में जनसमुदाय को डेंगू को लेकर जागरूक किया गया।


सघन जनजागरूकता अभियान के तहत मायाकुंड, चंद्रेश्वर नगर, चंद्रभागा, सर्वहारा नगर आदि इलाकों में लोगों को इस खतरनाक के प्रति आगाह करने के साथ ही कई जगहों पर गंदगी से उत्पन्न डेंगू(Dengue) मच्छर का लार्वा नष्ट किया गया।

नशा मुक्ति भादरा...

 उम्मीद की किरण नशा मुक्ति भादरा 



गौरतलब है कि एम्स संस्थान व नगर निगम प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से बीते 11 सितंबर से सेवन प्लस अभियान को शुरू किया था। मायाकुंड ऋषिकेश से शुरू की गई। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सामुहिक रूप से मिलकर डेंगू (Dengue) संभावित क्षेत्रों में जनसमुदाय में डेंगू के प्रति जागरूकता फैलाना और स्थानीय जन मानस को डेंगू से निजात दिलाना था।


साथ ही सेवन प्लस वन कार्यक्रम में सभी की सहभागिता को सुनिश्चित करना था। सेवन प्लस वन अभियान के संस्थापक एम्स के सह आचार्य डॉक्टर संतोष कुमार का कहना है कि हम 7 दिनों तक स्थानीय जनता का समुह बनाकर अपने घर व मोहल्ले में डेंगू मच्छर का लारवा उत्पन्न करने वाली जगह को नष्ट कर अभियान को आगे बढ़ाते हैं तथा साथ ही दूसरों को इसके लिए प्रेरित करते हैं, जिससे डेंगू(Dengue) का लार्वा मच्छर में परिवर्तित नहीं हो पाएगा। उन्होंने बताया कि इन 7 दिन के पश्चात हर रविवार हफ्ते में एक बार इसी अभियान को दोहराया जाएगा।


उन्होंने बताया कि बीते 7 दिनों में ऋषिकेश नगर निगम महापौर अनीता ममगाईं एवं नगर आयुक्त के साथ ही एस.पी.एस राजकीय अस्पताल के सुरेंद्र सिंह यादव आदि के कुशल नेतृत्व में वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन के सदस्य, यू.पी.एच.सी सेंटर के ए.एन.एम व एम्स के सोशल आउटरीच स्टाफ द्वारा सेवन प्लस वन कार्यक्रम को चलाया गया था, जिसमें मायाकुंड, चंद्रेश्वर नगर, चंद्रभागा, बीस बीघा, बापू ग्राम, शांति नगर, नंदू फार्म, गंगानगर आदि स्थान शामिल हैं।


उन्होंने बताया कि 11 सितम्बर से पहले इन तमाम इलाकों में डेंगू के 56 मरीज पाए गए थे और डेंगू(Dengue) सेवन प्लस अभियान चलाने के पश्चात इन जगहों में केवल 25 मरीज ही पाए गए हैं, लिहाजा अभियान के बाद डेंगू के मामले इन जगहों पर 50 प्रतिशत से भी कम हो गए हैं।


डा. संतोष कुमार के अनुसार वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन ऋषिकेश के सदस्य ब्रह्म कुमार शर्मा, सत्येंद्र कुमार जी, हेम कुमार पांडे,राजकीय अस्पताल के एस.एस.यादव आदि की अगुवाई में टीम द्वारा स्थानीय लोगों को एकजुट करके एक टीम बनाई, जिसने नियमित तौर पर घर घर जाकर इकट्ठा हुए पानी को नष्ट किया तथा डेंगू(Dengue) लार्वा मच्छर पॉइंट को चिन्हित करके लोगों से ही इसका निराकरण वह नष्ट कराया। नगर निगम टीम द्वारा इन जगहों पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव भी किया गया।


इस अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि मोहल्ले या घर में रुके हुए पानी जैसे – गमलों में, टायरों में, कूलर, फ्रिज आदि में रुके हुए पानी से डेंगू मच्छर जन्म लेते व फैलते हैं। उन्होंने जनता से अपील की है कि डेंगू के कहर की रोकथाम के लिए केवल प्रशासन एवं नगर निगम पर ही निर्भर न रहें, बल्कि खुद से एक टीम बनाकर अपने मोहल्ले, कार्य स्थलों पर 7 दिन तक पानी को जमा नहीं होने दें, साफसफाई रखें व कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए नगर निगम से संपर्क करके संकल्प के साथ डेंगू मच्छर से बचाव के उपाय करें ।


इन उपायों को अपनाएं..

जनसमुदाय से हमारा आग्रह है कि वह जागरूक होकर और डेंगू को रोकने के लिए उपरोक्त उपायों को अपनाए और डेंगू से मुक्त रहे। यह उपाय निम्नलिखित है-

इस समय जिस किसी व्यक्ति में डेंगू बुखार के लक्षण हैं, वह घबराए नहीं और घर में रहकर आराम करे।

अपने पूरे शरीर को ढक कर रखें,खासकर दिन के समय मच्छरदानी का उपयोग करें ताकि मच्छर के द्वारा दूसरे व्यक्तियों में डेंगू न फैल सके।

खूब पानी पिएं, अपने आपको खूब हाइड्रेट रखें।

ज्यादा बुखार आने पर केवल पैरासिटामोल दवा का ही सेवन करें।

शरीर पर लाल व सफेद रंग के चकत्ते पड़ने पर तथा शरीर में नाक/ मुंह से रक्तस्राव होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।



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