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सीएम भगवत मान,को नशे में होने के कारण : शराब पीकर सफर करने वाले को रोक सकती है एयरलाइंस,

न्यूज़ के लास्ट तक जरूर जाए धन्यवाद 

CM मान को नशे में होने पर विमान से उतारा: शराब पीकर सफर करने वालों को रोक सकती हैं एयरलाइंस;

 


 क्या होती है नो फ्लाई लिस

 जिसमें पैसेंजर पर 2 साल का बैन लग सकता है

 17 सितंबर 2022 की बात है। पंजाब के सीएम भगवंत मान जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से दिल्ली लौट रहे थे। ऐसा दावा है कि फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर उन्हें लुफ्थांसा एयरलाइंस के विमान से उतार दिया गया। वे नशे में थे, इसलिए एयरलाइन ने ऐसा फैसला लिया। उधर, AAP ने इस इन आरोपों को खारिज किया है। वहीं 20 सितंबर को भारत के सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

                   वीडियो भी देख सकते हो 


 भास्कर एक्सप्लेनर में जानेंगे कि विमान में शराब पीने पर क्या एयरलाइंस पैसेंजर को यात्रा करने से रोक सकती हैं, हवाई सफर में पैसेंजर्स के व्यवहार को लेकर क्या नियम हैं...

 सवाल-1 : शराब पीने और खराब व्यवहार को लेकर क्या हैं

 नियम?

 जवाब : डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन यानी DGCA सरकार की एक रेगुलेटरी बॉडी है, जो सिविल एविएशन को रेगुलेट करता है। यह मुख्य रूप से विमान हादसों और बाकी घटनाओं की जांच करता है।


 DGCA इंडियन एयरक्राफ्ट रूल्स 1937 के प्रोविजन 22, 23 और 29 के तहत विमान में हुड़दंग करने, ज्यादा शराब पीने या गाली गलौज करने पर यात्रियों को यात्रा करने से रोक सकता है और उन्हें विमान से उतार सकता है।


 प्रोविजन 22 कहता है कि किसी क्रू मेंबर पर हमला करना या धमकी देना, चाहे वह शारीरिक रूप से हो या मौखिक रूप से। यह उस क्रू मेंबर की ड्यूटी में हस्तक्षेप माना जाएगा। ऐसा करने पर पैसेंजर को विमान में बैठने से रोका जा सकता है। विमान में सुरक्षा उपायों को मानने से इनकार करना भी इस कैटेगरी में आता है।


 प्रोविजन 23 कहता है कि शराब या ड्रग्स के नशे में यात्री अगर प्लेन या किसी शख्स की सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो उसे विमान से उतारा जा सकता है।

इन वजहों से विमान से उतारे जा सकते हैं पैसेंजर

            वीडियो को भी जरूर देखे, विमान की रूल क्या कहते है 


 गाली-गलौज

 ज्यादा शराब पीकर

 अभद्रता करना

 महिलाओं के साथ छेड़छाड़

 क्रू मेंबर्स और स्टाफ के काम में हस्तक्षेप

 | अन्य पैसेंजर की सुरक्षा

 | के साथ खिलवाड़

 | विमान की सुरक्षा

 को खतरे में डालना

 विमान को हाईजैक

 | करने का प्रयास

 सवाल- 2 : क्या ये नियम विदेशों में भी लागू होंगे?

 जवाब : ये नियम भारत आने वाली सभी इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर लागू होंगे। यदि घटना विदेश में हुई हो और एयरलाइंस भी विदेशी हो, तो यह नियम लागू नहीं होंगे।


 सवाल- 3 : विमान में शराब पीकर हुड़दंग करने के मामलों में कार्रवाई कौन करता है?


 जवाब : सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट विराग गुप्ता कहते

 हैं कि ऐसे मामलों में कार्रवाई जगह के हिसाब से तय होती है। जैसे....

 • एयरपोर्ट की घटना पर संबंधित पुलिस थाना या जिम्मेदार

 सुरक्षा एजेंसी ।


 • एयरपोर्ट पर खड़े विमान पर DGCA


 • किसी देश के एयरस्पेस के भीतर संबंधित देश के कानून आधार पर के

 12 नॉटिकल मील से दूर इंटरनेशनल स्पेस में यदि विमान है, तो फिर कई देशों के कानून लागू हो सकते हैं।


 • जहां पर विमान का रजिस्ट्रेशन हुआ है

 • विमान जहां पर जा रहा है

 पीड़ित व्यक्ति जिस देश का हो


 • आरोपी व्यक्ति जिस देश का हो

 क्रू और स्टाफ जिस देश के हों


 सवाल-4 :क्या कोई इंटरनेशनल रूल्स भी हैं?


 जवाब : इंटरनेशनल मामलों में विभिन्न देशों के बीच समन्वय और ऐसे अपराधों को रोकने के लिए इंटरनेशनल सिविल एविएशन आर्गेनाइजेशन यानी ICAO का गठन हुआ है। इसके तहत कई इंटरनेशनल ट्रीटी हुई हैं....


 1944 शिकागो ट्रीटी

 1963 टोक्यो ट्रीटी

 1958 जेनेवा ट्रीटी- इसके अनुसार इंटरनेशनल बॉर्डर का निर्धारण होता है।

 1971 मॉन्ट्रियल ट्रीटी

 1989 न्यूयॉर्क ट्रीटी


 कुछ उदाहरण

 भी इसे समझ सकते हैं। जैसे- 2013 में


 पाकिस्तान एयरलाइंस के पायलट ने ज्यादा शराब पी थी और

 उसके खिलाफ ब्रिटेन के कानून के अनुसार कार्रवाई हुई थी।

 हाईजैक के मामलों में आरोपी, पीड़ित, जहाज और स्टाफ के

 अनुसार सभी देश अपने कानून के अनुसार कार्रवाई करने की

 कोशिश करते हैं और विवाद होने पर इसका फैसला इंटरनेशनल

 कोर्ट यानी ICJ में होता है।

 भारत में 2017 में नो फ्लाई लिस्ट के तहत कार्रवाई की शुरुआत हुई, इसके लिए DGCA को रेगुलेटर बनाया गया है।


 सवाल- 5: क्या सरकार ऐसे पैसेंजर को हवाई यात्रा से रोक सकती है?


 जवाब: सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने 2017 में नई गाइडलाइंस करते हुए बार-बार दुर्व्यवहार करने वाले पैसेंजर को नो-फ्लाई लिस्ट में डालने की बात कही थी। दुनिया के कई देशों में यह सिस्टम है। इसमें बदसलूकी या हिंसा करने वाले एयर पैसेंजर्स को नो फ्लाई लिस्ट में डाल दिया जाता है।


 इस लिस्ट में आने का मतलब है वो शख्स दोबारा उस एयरलाइन से ट्रैवल नहीं कर सकता है। यह बैन हमेशा के लिए या कुछ साल या महीनों के लिए हो सकता है।


 भारत की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने बुरे बर्ताव को 3 कैटेगरी में बांटा है। इसके तहत बैन की सीमा 3 महीने से लेकर 2 साल या अनिश्चित समय के लिए भी हो सकती है।


 1. गलत तरीके से इशारा करना, गाली-गलौच और शराब पीना।

 ऐसा करने वाले पैसेंजर पर तीन माह का बैन लगाया जा सकता

 है।


 2. शारीरिक रूप से अपमानजनक व्यवहार जैसे धक्का देना, लात मारना, गलत ढंग से छूना। ऐसा करने वाले यात्रियों पर 6 महीने का बैन लगाया जा सकता है।


 3. प्लेन को नुकसान पहुंचाना, किसी को जान से मारने की धमकी देना और मारपीट करने जैसे अपराध शामिल हैं। ऐसा करने वाले यात्रियों पर कम से कम 2 साल या अनिश्चित समय तक के लिए बैन लगाया जा सकता है।


 इसके लिए पायलट-इन- कमांड को एयरलाइन अधिकारियों से इसके बारे में शिकायत करनी होगी। फिर एक आंतरिक समिति 10 दिनों में इसकी जांच करती है। उसके बाद यात्री के व्यवहार की गंभीरता तय होती है।


 जांच जारी रहने के दौरान ऐसे लोगों पर 10 दिनों के लिए बैन लगाया जा सकता है। जांच के नतीजे आने पर एयरलाइन नो-फ्लाई लिस्ट में उस शख्स को डाल सकती है।


 23 मार्च 2017 को उस समय के शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ पर एअर इंडिया के स्टाफर को 25 बार सैंडल से मारने का आरोप है। यही एपिसोड इन नियमों को लागू करने के पीछे बड़ी वजह बना था।


 सवाल- 6 : क्या भगवंत मान के मामले में भारत की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री जांच कर सकती है ?


 जवाब : नहीं। क्योंकि न तो ये घटना भारत में हुई है और न ही ये विमान भारत का था। घटना जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट की है। और विमान भी लुफ्थांसा एयरलाइंस का था। ऐसे में इस मामले


 की जांच भारत की एविएशन मिनिस्ट्री नहीं कर सकती है। हालांकि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने कहा है कि वह इन आरोपों की जांच करेगा, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पंजाब के सीएम भगवंत मान शराब के नशे में विमान में सवार हुए थे।


 सिविल एविएशन मिनिस्टर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अपने बयान में कहा है कि यह घटना विदेशी धरती पर हुई है। पहले हम फैक्ट्स को वेरिफाई करेंगे। लुफ्थांसा को डेटा देना चाहिए। मुझे भेजी गईं अपीलों के आधार पर मैं निश्चित रूप से इस पर गौर करूंगा। यानी एविएशन मिनिस्ट्री पहले सिर्फ यह पता लगाएगी कि भगवंत मान शराब पीकर विमान में सवार हुए थे या नहीं।



 स्टोरी को भी जरूर पढ़ें

 दुनिया पागलों ने बदले 

आपने सही पढ़ा
दुनिया पागलो ने बदली है।
जिस जिस पे जग हंसा है,
उसी ने इतिहास रचा है।
जानना चाहते हो तो पढिये,
एक शक्श था।
बोला,
कांच में से रोशनी पैदा करूँगा,

motivational story..

किसने विश्वास किया होगा उसकी इस बात पर
आपको क्या लगता है,
जब उसने लोगो को बताया होगा कि ऐसा हो सकता है,तो लोगो ने क्या कहा होगा
हाँ हमको भी लगता है।
नही sir
हंसे होंगे लोग उस पर
कैसा आदमी है,पागल गधा
और जब करके दिखा दिया तो लोगो को विश्वास हो गया
1093 पेटेंट है, साहब उसके नाम और क्या जिया होगा वो
500 साल ?
नही एक avg life

वीडियो को भी जरूर देखे 



आज भी घर मे जो invertor लगा है
Patented by थॉमस एडिसन
लेकिन इसके पीछे सालो की मेहनत लगी होगी
बिजली का meter सोचो
कैसे measure करता होगा लाइट को की कितना unit निकला,
हमे सिर्फ result दिखाई देते है,इसके पीछे लगी सालो की मेहनत नही दिखाई देती।
एक और example देखो
एक ओर शक्श था
बोलता था,
तरंगों से बात की जा सकती है
उस पर भी दुनिया हंसी होगी दोस्तों
लेकिन उनको भरोसा था खुद पर
और कर दिखाया


टेलीफोन का आविष्कार किया था ।
दोस्तों इन बातों का मकसद सिर्फ इतना है कि
पागलों ने ही दुनिया को बदला है
समझदार लोग आज भी बैठकर खामियां ही ढूंढते होंगे,
अगर आप भी ऐसा कोई काम कर रहे हो, जिसमे आपको कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है,
तो ये समझ लो दुनिया बदलने वाला काम कर रहे हो।
अब तो आपको मेरी इस बात पर विश्वास हो गया होगा कि,
दुनिया पागलो ने ही बदली है।


अगर आपको यह motivational storyअच्छी लगी हो, तो
कमेंट करके जरूर बताएं।
Share जरूर करे और लोगो को motivate करे ।
इस पोस्ट को पढ़ने के लिए और आपका कीमती समय देने के लिए दिल से आप सभी का
शुक्रिया   


 

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