शिक्षा नीति पर सिरसा में 9 को 3 घंटे जाम: नौजवान
Dinesh soni
भारत सभा और पेंडू मज़दूर यूनियन ने किया एलान
सिरसा बंद को लेकर जानकारी देते संगठनों के नेता ।
अध्यापकों के ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव और स्कूल मर्ज करने के विरोध में नौजवान भारत सभा व पेंडू मज़दूर यूनियन की अगुवाई में सिरसा में 9 सितंबर को जिलाभर में 3 घंटे तक सड़कें जाम कर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। नौजवान भारत व पेंडू मज़दूर यूनियन के द्वारा संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता कर ये ऐलान किया गया।
नौजवान भारत सभा की ओर से कुलविंद्र रोड़ी ने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के तहत केन्द्र सरकार सार्वजनिक शिक्षा का निजीकरण करना चाहती है और इसे देशभर में लागू करने के लिए उतावली है। वहीं केन्द्र सरकार के नक्शे कदम पर चलते
हुए हरियाणा सरकार उससे से आगे निकल गई है और नई शिक्षा नीति को लागू करने की शुरुआत कर चुकी है। जिसके तहत पिछले दिनों हरियाणा सरकार ट्रांसफर नीति के द्वारा बहुत सारे स्कूलों को अध्यापकों से वंचित कर चुकी है।
सरकार सुनने को तैयार नहीं
उन्होंने बताया कि जिलाभर में ज्यादातर स्कूलों में मुख्य विषयों के अध्यापकों के पद समाप्त कर दिए हैं। जिसके विरोध स्वरूप बहुत सारे गांवों में धरने प्रदर्शन हो चुके हैं और जारी भी हैं। बड़े स्तर पर धरने प्रदर्शनों के बावजूद भी हरियाणा सरकार के कान पर जूं नहीं सर्की। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में अध्यापकों पद समाप्त करने से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेहनतकश आबादी के बच्चे शिक्षा से वंचित रह जायेंगे।
केन्द्र व हरियाणा सरकार की इन शिक्षा विरोधी नीतियों को हम कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और डटकर विरोध करेंगे। इसी के चलते 9 सितंबर को जिलाभर में तीन घंटों के लिए गांवों कस्बों में सड़कें जाम की जाएंगी।
शिक्षा विरोधी नीतियों का मुकाबला करेंगे
पेंडु मज़दूर यूनियन की ओर से वकील रोड़ी ने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का गांवों डटकर विरोध किया जाएगा। वहीं उन्होंने बताया कि सड़कें जाम करने के दौरान किसी भी तरह की आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं किया जाएगा। इस प्रदर्शन से पहले बड़े स्तर पर जिला भर के विभिन्न गांवों में जाकर नुक्कड़ मीटिंग का आयोजन किया जाएगा और लोगों को सरकार की इन शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ लामबंद किया जाएगा|

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