बिजली मंत्री के आवास पर किसानों का पड़ाव: सिरसा में भगत सिंह स्टेडियम रणजीत चौटाला के आवास तक प्रदर्शन किया
Dinesh soni
सिरसा में बिजली मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने जाते हुए किसान |
हरियाणा के सिरसा में शामलात देह व जुमला मुश्तरका भूमि के मालिकाना हक़ काश्तकार किसानों से वापस लेकर पंचायत को देने के विरोध में किसानों ने गुरुवार को बिजली मंत्री रणजीत सिंह के निवास के नजदीक पड़ाव डाला। किसान शहर के भगत सिंह स्टेडियम में एकत्रित हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए किसान बिजली मंत्री के निवास के लिए रवाना हुए। किसानों का पड़ाव शुक्रवार दोपहर तक जारी रहेगा।
किसानों से जमीन छीनने का विरोध
सिरसा में बिजली मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने जाते हुए किसान |
हरियाणा के सिरसा में शामलात देह व जुमला मुश्तरका भूमि के मालिकाना हक़ काश्तकार किसानों से वापस लेकर पंचायत को देने के विरोध में किसानों ने गुरुवार को बिजली मंत्री रणजीत सिंह के निवास के नजदीक पड़ाव डाला। किसान शहर के भगत सिंह स्टेडियम में एकत्रित हुए और वहां से प्रदर्शन करते हुए किसान बिजली मंत्री के निवास के लिए रवाना हुए। किसानों का पड़ाव शुक्रवार दोपहर तक जारी रहेगा।
किसानों से जमीन छीनने का विरोध
भारतीय किसान एकता व भारतीय किसान यूनियन चढूनी के संयुक्त नेतृत्व में डाले गए पड़ाव को लेकर किसान नेता मैक्स साहुवाला ने कहा कि सरकार द्वारा सभी डीसी को हिदायत जारी हुई है, जिसके अनुसार सभी शामलात देह, शामलात देह हस्ब रसद ज़ेर खेवट व शामलात देह हसद रसद पैमाना मलकियत व जुमला मुश्तरका मालकान की सभी जमीन को मालिकाना हक काश्तकार किसानों से वापस लेकर पंचायत व नगरपालिका के नाम किया जाएगा।
प्रदेश की कुछ तहसीलों में ऐसी उक्त जमीन के इंतकाल तोड़कर पंचायतों के नाम किए भी गए है और प्रशासन काबिज काश्तकारों को जमीन खाली करने के नोटिस भेजने भी शुरू कर दिए है, जबकि माल रिकॉर्ड के अनुसार
भारतीय किसान एकता व भारतीय किसान यूनियन चढूनी के संयुक्त नेतृत्व में डाले गए पड़ाव को लेकर किसान नेता मैक्स साहुवाला ने कहा कि सरकार द्वारा सभी डीसी को हिदायत जारी हुई है, जिसके अनुसार सभी शामलात देह, शामलात देह हस्ब रसद ज़ेर खेवट व शामलात देह हसद रसद पैमाना मलकियत व जुमला मुश्तरका मालकान की सभी जमीन को मालिकाना हक काश्तकार किसानों से वापस लेकर पंचायत व नगरपालिका के नाम किया जाएगा।
प्रदेश की कुछ तहसीलों में ऐसी उक्त जमीन के इंतकाल तोड़कर पंचायतों के नाम किए भी गए है और प्रशासन काबिज काश्तकारों को जमीन खाली करने के नोटिस भेजने भी शुरू कर दिए है, जबकि माल रिकार्ड के अनुसार


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