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देखें टावर गिरने के बाद का नजारा

 Dinesh soni

फोटोज में देखें टावर गिरने के बाद का नजारा : 

600 मीटर में फैली धूल की परत, 60 से ज्यादा फायर टेंडर

की गाड़ियां सफाई में जुटीं पहले


आखिरकार नोएडा के सुपरटेक ट्विन टावर को ढहा दिया गया। धूल का गुबार खत्म होने के बाद टावर की जगह 50 से 60 फीट की ऊंचाई में मलबा बिखरा हुआ है। आसपास की कॉलोनियों और बिल्डिंगों में धूल की मोटी परत चढ़ी हुई है। इमारतों को जिन पर्दों से ढंका गया था, वे सीमेंट चादरों जैसी दिख रही हैं।



इन्हें साफ करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। 50 से ज्यादा फायर ब्रिगेड के वाहन और 100 से ज्यादा पानी के टैंकर इस काम में लगे हुए हैं। 500 से ज्यादा मजदूर भी जी जान से इस काम में जुटे हुए हैं। राहत की बात ये है कि टावर गिरने के बाद ये अनुमान लगाया जा रहा था कि आखिर धूल के गुबार का असरकितने किलोमीटर के एरिया को प्रभावित करेगा, लेकिन धूल का असर टावर के 500 मीटर के दायरे में ही देखने को मिल रहा है।



टावर का मलबा हटाने के लिए भी काम शुरू हो चुका है। मलबे के आसपास डंपर और जेसीबी वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 80 हजार टन मलबा यहां से निकलने की उम्मीद है, जिसे साफ करने में करीब तीन महीने का वक्त लग सकता है।


10 तस्वीरों में देखें ब्लास्ट के बाद ट्विन टावर्स के पास का नजारा...



 दोपहर ठीक 2.30 बजे टावर्स को गिरा दिया गया।




 ट्विन टावर को गिराने के लिए विस्फोट की जिस तकनीक का इस्तेमाल किया गया, उसकी खासियत यह रही कि आसपास की किसी इमारत को नुकसान नहीं पहुंचा।


महज 12 सेकेंड में सुपरटेक के दोनों टावर गिर गए। इसके बाद NDRF की टीम ने वाटर फॉगिंग की, जिससे धूल का गुबार दब सके।


 200 करोड़ की लागत से बने ट्विन टावर 12 सेकेंड में मलबे के ढेर में बदल गए।



 घनी आबादी के बीचोंबीच बने दोनों टावर अपनी जगह पर जमींदोज हो गए और केवल धूल का गुबार ही नजदीकी इमारतों तक पहुंचा।


 विस्फोट से पहले करीब 7 हजार लोगों को एक्सप्लोजन जोन से हटाया गया।


 धूल को कंट्रोल करने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम पानी का छिड़काव कर रही है।



 ब्लास्ट के बाद इलाके में पॉल्यूशन लेवल मॉनिटर करने के लिए स्पेशल डस्ट मशीन लगाई गई हैं।

 


 ट्विन टावर के आसपास की बिल्डिंग्स पर जमा डस्ट हटाई जा रही है।


 दमकल कर्मियों ने पेड़ों पर जमा धूल को भी साफ किया।



 नगर निगम के सफाई कर्मचारी भी कॉलोनियों में जमा धूल को साफ करने में मुस्तैद रहे।


 • इलाके से स्ट्रीट डॉग और बिल्लियों को हटाया गया, 6 लोगों ने की टावर में पूजा


 • रेत के टीले की तरह ढहे ट्विन टावर्स, आस-पास के घरों में खरोंच तक नहीं आई


 • 3700 किलो बारूद से दोनों टावर जमींदोज, 15 करोड़ में बिकेगा मलबा


 ट्विन टावर गिराने से पहले रविवार सुबह से की गई तैयारियों को

 आप नीचे तस्वीरों में भी देख सकते हैं.......



 घनी आबादी के बीच मौजूद ट्विन टावर के पास की इमारतों को खाली कराने के बाद उन्हें खास कपड़े से ढंका गया था, ताकि मलबे से उन्हें नुकसान न पहुंचे।



 सुबह 9.55 बजे धूल हटाने के लिए 15 स्मॉग गन लगाई गई थी। हवा में प्रदूषण की जांच के लिए 6 एयर क्वालिटी इंडेक्स मशीनें लगी थीं 6 हॉस्पिटल स्टैंडबाय रखे गए थे।


 सुबह 7.30 बजे: एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज सोसाइटी के लगभग 7 हजार निवासियों को निकाला गया। इसके बाद यहां क्रेन आने लगी थीं।


 सुबह 7 बजे : पुलिस ने सेक्टर 93A, नोएडा में सुपरटेक ट्विन टावर्स के आसपास के क्षेत्र को खाली करने का अनाउंसमेंट किया था।



 एक्सप्लोजन जोन के पास NDRF की टीम भी तैनात की गई थी, ताकि ब्लास्ट या उसके बाद किसी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।


 


 RK arora ये ट्विन टॉवर के मालिक 

 






 

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